भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार

किसी भवन या निर्माण कार्य जो इस अधिनियम की धारा 2 (म) में परिभाषित है यथा कुशल, अर्द्ध कुशल, अकुशल श्रमिक के रूप में शरीरिक, पर्यावेक्षण, तकनीकी अथवा लिपिकीय कार्य वेतन या पारिश्रमिक के लिए कार्य करता हो किन्तु प्रबंधकीय या प्रशासकिय हैसियत में नियोजित व्यक्ति इश्मे सामिल नहीं है I

बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

यह विभाग आम जनता के साथ बहुत घनिष्ठ संपर्क रखता है। प्रत्येक व्यक्ति को विभिन्न आवश्यकताओं के लिए राजस्व कार्यालयों का बार-बार रुख करना पड़ता है। यह विभाग राज्य की राजधानी पटना में स्थित एक योजना, निगरानी और प्रशासनिक शीर्ष स्तर की संस्था है। इसके अंतर्गत आने वाला भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशालय राज्य भर के भूमि अभिलेखों को बनाए रखने और विकसित करने का कार्य करता है। यह विभाग 38 जिलों, उप-जिलों और 537 प्रखंड स्तरीय भूमि सुधार कार्यालयों के एक सुव्यवस्थित राज्यव्यापी संगठनात्मक ढांचे के माध्यम से नागरिकों को सेवाएं प्रदान करता है।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS)

National Pension System Trust (NPS) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पेंशन योजना है, जिसका उद्देश्य लोगों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना की शुरुआत 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए की गई थी और 2009 से यह सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है। NPS में व्यक्ति अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा नियमित रूप से जमा करता है, जिसे शेयर बाजार, बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश किया जाता है। समय के साथ यह राशि बढ़ती है और 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर सदस्य को जमा राशि का एक हिस्सा एकमुश्त मिलता है तथा शेष राशि से मासिक पेंशन दी जाती है। इस योजना में निवेश पर आयकर में छूट भी मिलती है। NPS को Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) नियंत्रित करता है, जिससे यह सुरक्षित और पारदर्शी प्रणाली बनी रहती है। यह योजना कम लागत में लंबी अवधि के लिए निवेश और नियमित पेंशन प्राप्त करने का एक विश्वसनीय माध्यम मानी जाती है।

जारी है....

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार

किसी भवन या निर्माण कार्य जो इस अधिनियम की धारा 2 (म) में परिभाषित है यथा कुशल, अर्द्ध कुशल, अकुशल श्रमिक के रूप में शरीरिक, पर्यावेक्षण, तकनीकी अथवा लिपिकीय कार्य वेतन या पारिश्रमिक के लिए कार्य करता हो किन्तु प्रबंधकीय या प्रशासकिय हैसियत में नियोजित व्यक्ति इश्मे सामिल नहीं है I

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बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

यह विभाग आम जनता के साथ बहुत घनिष्ठ संपर्क रखता है। प्रत्येक व्यक्ति को विभिन्न आवश्यकताओं के लिए राजस्व कार्यालयों का बार-बार रुख करना पड़ता है। यह विभाग राज्य की राजधानी पटना में स्थित एक योजना, निगरानी और प्रशासनिक शीर्ष स्तर की संस्था है। इसके अंतर्गत आने वाला भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशालय राज्य भर के भूमि अभिलेखों को बनाए रखने और विकसित करने का कार्य करता है। यह विभाग 38 जिलों, उप-जिलों और 537 प्रखंड स्तरीय भूमि सुधार कार्यालयों के एक सुव्यवस्थित राज्यव्यापी संगठनात्मक ढांचे के माध्यम से नागरिकों को सेवाएं प्रदान करता है।

जारी है....

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS)

National Pension System Trust (NPS) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पेंशन योजना है, जिसका उद्देश्य लोगों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना की शुरुआत 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए की गई थी और 2009 से यह सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है। NPS में व्यक्ति अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा नियमित रूप से जमा करता है, जिसे शेयर बाजार, बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश किया जाता है। समय के साथ यह राशि बढ़ती है और 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर सदस्य को जमा राशि का एक हिस्सा एकमुश्त मिलता है तथा शेष राशि से मासिक पेंशन दी जाती है। इस योजना में निवेश पर आयकर में छूट भी मिलती है। NPS को Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) नियंत्रित करता है, जिससे यह सुरक्षित और पारदर्शी प्रणाली बनी रहती है। यह योजना कम लागत में लंबी अवधि के लिए निवेश और नियमित पेंशन प्राप्त करने का एक विश्वसनीय माध्यम मानी जाती है।

जारी है....

राष्ट्रीय मत्स्य विकास कार्यक्रम (NFDP)

NFDP मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने और मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए चलाई जाने वाली सरकारी योजना है। इसके अंतर्गत तालाब निर्माण, मछली बीज, चारा, एरेशन सिस्टम, कोल्ड स्टोरेज और परिवहन जैसी सुविधाओं के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य मछली उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना है। पात्र लाभार्थी बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी के माध्यम से अपना व्यवसाय शुरू या विस्तारित कर सकते हैं। यह योजना आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देती है और मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने में सहायता करती है।

पूर्ण हो गया......

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किसी भवन या निर्माण कार्य जो इस अधिनियम की धारा 2 (म) में परिभाषित है यथा कुशल, अर्द्ध कुशल, अकुशल श्रमिक के रूप में शरीरिक, पर्यावेक्षण, तकनीकी अथवा लिपिकीय कार्य वेतन या पारिश्रमिक के लिए कार्य करता हो किन्तु प्रबंधकीय या प्रशासकिय हैसियत में नियोजित व्यक्ति इश्मे सामिल नहीं है I

जारी है....

बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

यह विभाग आम जनता के साथ बहुत घनिष्ठ संपर्क रखता है। प्रत्येक व्यक्ति को विभिन्न आवश्यकताओं के लिए राजस्व कार्यालयों का बार-बार रुख करना पड़ता है। यह विभाग राज्य की राजधानी पटना में स्थित एक योजना, निगरानी और प्रशासनिक शीर्ष स्तर की संस्था है। इसके अंतर्गत आने वाला भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशालय राज्य भर के भूमि अभिलेखों को बनाए रखने और विकसित करने का कार्य करता है। यह विभाग 38 जिलों, उप-जिलों और 537 प्रखंड स्तरीय भूमि सुधार कार्यालयों के एक सुव्यवस्थित राज्यव्यापी संगठनात्मक ढांचे के माध्यम से नागरिकों को सेवाएं प्रदान करता है।

जारी है....

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS)

National Pension System Trust (NPS) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पेंशन योजना है, जिसका उद्देश्य लोगों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना की शुरुआत 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए की गई थी और 2009 से यह सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है। NPS में व्यक्ति अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा नियमित रूप से जमा करता है, जिसे शेयर बाजार, बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश किया जाता है। समय के साथ यह राशि बढ़ती है और 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर सदस्य को जमा राशि का एक हिस्सा एकमुश्त मिलता है तथा शेष राशि से मासिक पेंशन दी जाती है। इस योजना में निवेश पर आयकर में छूट भी मिलती है। NPS को Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) नियंत्रित करता है, जिससे यह सुरक्षित और पारदर्शी प्रणाली बनी रहती है। यह योजना कम लागत में लंबी अवधि के लिए निवेश और नियमित पेंशन प्राप्त करने का एक विश्वसनीय माध्यम मानी जाती है।

जारी है....

राष्ट्रीय मत्स्य विकास कार्यक्रम (NFDP)

NFDP मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने और मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए चलाई जाने वाली सरकारी योजना है। इसके अंतर्गत तालाब निर्माण, मछली बीज, चारा, एरेशन सिस्टम, कोल्ड स्टोरेज और परिवहन जैसी सुविधाओं के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य मछली उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना है। पात्र लाभार्थी बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी के माध्यम से अपना व्यवसाय शुरू या विस्तारित कर सकते हैं। यह योजना आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देती है और मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने में सहायता करती है।

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